Saturday, January 4, 2014

|| एक पत्र अरविंद के नाम || ---------------- अर्पण जैन "अविचल"

                                                               || एक पत्र अरविंद के नाम ||
अरविंद !!!
तुम यह ना भूल जाना की ये राजनीति भी " IIT JEE" की परीक्षा की तरह है ...
यहा भी माइनस मार्किंग का सिस्टम लागू है .... राष्ट्रवाद का विचार तो सबका हे पर तुम जिस दोगलाई से पेश आ रहे हो ... संभल जाओ ,.... इतना भी ना गिरो अपने आकाओ के सामने ....
तुम कल तक तो कह रहे थे की लगभग ३०० पेज के आरोपो का पुलिंदा है तुम्हारे पास शीला के खिलाफ.... आज डा. हर्षवर्धन से ही कहने लग गये की आप आरोप बताए मे कार्यवाही करूँगा...
क्या समझा है तुमने दिल्ली की जनता को...
पहले तो जिनके खिलाफ चुनाव लड़ा.. और बेवकूफ़ बनाया जनता को उनसे ही दोस्ती कर ली राजनैतिक सत्ता की मंशा के कारण... और अब उन पर लगे आरोपो की डिंगे हाकने वाले तुम बदल भी गये की शीला पाक सॉफ है .... बहुत अच्छा ....
पर एक बात याद रखना IIT JEE परीक्षा मे ग़लत जवाब के जैसे माइनस मार्किंग होती है यहा भी तुम खुद की जमने वाली साख को गिरा चुके....
इसलिए राष्ट्रवाद के पेन से आप परिक्षा दोगे तो पास हो जाओगे , यदि इस पेन से आप धर्मवाद , जातिवाद , व आतंकवादियों की सहानूभूति व राष्ट्रीय सुरक्षा को नजर अंदाज कर, काश्मीर को देश से अलग करने का,नेहरू से लेकर आज तक के कांग्रेसी नेताओ की तरह उत्तर लिखोगे तो कांग्रेस की तरह ही लुप्त होने की कगार पर आ जाओगे....

`````````````````````````````````````````` अर्पण जैन "अविचल"

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